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यशपाल की 21 कहानियाँ

Yaspal ki 21 kahaniyan

यशपाल By: Publication details: New Delhi: Penguin, 2007. Description: 271pISBN:
  • 9780143100126
Subject(s): Summary: बीसवीं शताब्दी के पूर्वार्ध में यदि प्रेमचंद हिंदी गद्य साहित्य जगत में शिखर पर थे तो यशपाल शताब्दी के उत्तरार्ध के महत्वपूर्ण लेखक माने जाते हैं। यशपाल की कहानियों में आग है, उत्तेजना है और जोश है। इस संकलन में यशपाल की चयनित 21 कहानियों का संकलन राजेंद्र यादव ने किया है। अपनी भूमिका में राजेंद्र यादव कहते हैं: "यशपाल राजनैतिक और मानसिक या सांस्कारिक गुलामी के प्रतिरोध में खड़े क्रांतिकारी लेखक हैं-एक अधिक स्वतंत्र और विषमता-मुक्त संसार के पक्षधर होकर... जब वे पुराण-युग के अंतर्विरोधों और वैदिक नृशंसताओं पर प्रहार करते हैं, तो उनका आधार बुद्ध-दर्शन होता है। वर्तमान राजनीति का खोखलापन उजागर करने का उनका हथियार है मार्क्सवाद, और मध्यवर्गीय नैतिकता के आडंबरी वैवाहिक जीवन को उधेड़ने के लिए नायड से अधिक बरट्रेंड रसैल उनके निकट हैं। वे हर प्रकार की गुलामी के ख़िलाफ़ सन्नद्ध योद्धा की तरह हैं।"
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Hindi Books Main Library Hindi Language Section Hindi Books 891.4337 YAS (Browse shelf(Opens below)) Available Recommended by Official Language Implementation Committee H236

बीसवीं शताब्दी के पूर्वार्ध में यदि प्रेमचंद हिंदी गद्य साहित्य जगत में शिखर पर थे तो यशपाल शताब्दी के उत्तरार्ध के महत्वपूर्ण लेखक माने जाते हैं। यशपाल की कहानियों में आग है, उत्तेजना है और जोश है। इस संकलन में यशपाल की चयनित 21 कहानियों का संकलन राजेंद्र यादव ने किया है। अपनी भूमिका में राजेंद्र यादव कहते हैं: "यशपाल राजनैतिक और मानसिक या सांस्कारिक गुलामी के प्रतिरोध में खड़े क्रांतिकारी लेखक हैं-एक अधिक स्वतंत्र और विषमता-मुक्त संसार के पक्षधर होकर... जब वे पुराण-युग के अंतर्विरोधों और वैदिक नृशंसताओं पर प्रहार करते हैं, तो उनका आधार बुद्ध-दर्शन होता है। वर्तमान राजनीति का खोखलापन उजागर करने का उनका हथियार है मार्क्सवाद, और मध्यवर्गीय नैतिकता के आडंबरी वैवाहिक जीवन को उधेड़ने के लिए नायड से अधिक बरट्रेंड रसैल उनके निकट हैं। वे हर प्रकार की गुलामी के ख़िलाफ़ सन्नद्ध योद्धा की तरह हैं।"

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